संकेतक क्या हैं और उनके साथ कैसे काम करें?

किन्हीं तीन बिन्दुओं के अन्तर् .

किन्हीं तीन बिन्दुओं के अन्तर्गत बताइए कि चल कुण्डली धारामापी स्पर्शनज्या धारामापी से किस प्रकार श्रेष्ठ है ?

Updated On: 27-06-2022

Solution : चल कुण्डली धारामापी को स्पर्शज्या धारामापी से श्रेष्ठ मानते हैं। इसके निम्न कारण हैं-
(i) इसे किसी भी स्थिति में रखकर प्रयोग कर सकते हैं।
(ii) इस पर बाह्य चुम्बकीय क्षेत्र का प्रभाव कम पड़ता है।
(iii) इसकी सुग्राहिता अधिक होती है।
(iv) इसे अमीटर और वोल्टमीटर में परिवर्तित कर सकते हैं।
(v) इसके दोलन शीघ्र समाप्त हो जाते हैं।
(vi) इसमें धारा विक्षेप के अनुक्रमानुपाती होतो है, अतः संकेतक द्वारा धारा का मान सीधे ही पढ़ा जा सकता है।

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Aap ko kya acha nahi laga

प्रश्न किया है किन्हीं तीन बिंदुओं के अंतर्गत बताइए कि चल कुंडली धारामापी इस पर ज्यादा रामापीर से किस प्रकार श्रेष्ठ है तो आइए हम लोग इस प्रश्न का उत्तर देखते हैं कि हमारी से चल कुंडली धारामापी रहती है वह क्यों श्रेष्ठ है स्पर्श जा धारामापी से तो हम लोग सबसे पहले मैं चित्र से अंतर समझ लेते हैं उसके बाद हम इन के मुख्य बिंदु को देखेंगे यह हमारा चल कुंडली धारामापी ठीक है चल कुंडली धारामापी में क्या होता है कि दो चुंबक होते हैं ना देगी यूसुफ के होते हैं ठीक है हम लोग क्या करते हैं जो भी सहायता से इस तरह से लटका देते हैं या को रोता है को जरा हमारा एलुमिनियम का बना रहता है फिर नॉन मैग्नेटिक मटेरियल का बनाते हैं उसमें हम लोग तांबे के तार किस तरह से फेरे लगाते हैं ठीक है और इस कुंडली से हम लोग क्या करते हैं यहां से संकेतक निकाल देते हैं जो कि हमारी स्किल पैमाने पर इस तरह से घूम सकता है और यह जो हमारा t1 T2 टर्मिनल है इसे हम लोग जैसे ही धारा प्रवाहित करते हैं तो निर्गुंडी क्या होती है धारा प्रवाह

थाने से विभांतर आने से इस में इस चुंबकीय क्षेत्र में परिवर्तन कुंडली सर से घूमने लग जाती है ठीक है तो यह एक चुंबक की चीजें कोई विद्युत धारा गति करती है या फिर विद्युत आवेश तथा क्या करते हो चुंबकीय क्षेत्र पैदा करते थे इस चुंबकीय क्षेत्र के वजह से इसमें जो हमारा संकेतक रहता है या विक्षेपित होता है और हमें धारा के मान को बतलाता है ठीक है इसका कार्य सिद्धांत हो क्या आप अगर हम लोग बात करें इस पर ज्यादा रामापीर तो इस पर ज्यादा रामापीर कि हम लोग कार्य को इस तरह से समझ लेते हैं इस पर ज्यादा रामापीर में संकेतक होता है ठीक है और नीचे में इसके जो रहता है वह नॉन मैग्नेटिक मटेरियल जाने की याद जबकि पदार्थ के नीचे में भाग होते हैं और इस पर तांबे के तारों को लपेट कर इस तरह से बनाया जाता है फिर से ऊपर में शतक लगाया जाता है उसको हम लोग समझ गए थे क्या होता कैसे है किसी भी परिवार में हंगामा कर इस तरह से चुंबकीय सुई को रखें तो यह क्या होता है जो हमारा धरती का 36 चुंबकीय क्षेत्र है उसके सापेक्ष में

डीजल को हिंदी भाषा धारा लगती है वह अपना चुंबकीय क्षेत्र विक्षेपित करता है जैसे ही हम लोग इसमें धारा प्रवाहित करते हैं तो इस चुंबकीय क्षेत्र यानी कि जिस पर ज्यादा राम अभी उसका चुंबकीय क्षेत्र और जो यहां पर धरती का छाती का चुंबकीय क्षेत्र है उन दोनों के मध्य में एक ओर बनता है जिस जिस वजह से इसको हम लोग इस तरह से दिखा सकते हैं ठीक है या कैसे हो जाता है हमारा जो प्राप्त मान होता है बी संकेतक क्या हैं और उनके साथ कैसे काम करें? बराबर भी 10 थीटा होता है ठीक है तो इसीलिए हम लोग इसको टेंशन से फेस पर ज्यादा राम आप ही बोलते हैं 10 दिन तकलीफ की वजह से ही इस संकेतक में हमको धारा का मान प्राप्त होता है अब हम लोग एक एक करके उनके मुख्य बिंदुओं को देख लेते हैं यह हमारे स्पर्श अलार्म आप इस पर यह सिद्धांत पर आधारित है मार चल कुंडली धारामापी जो रहता है विद्युत धारा के चुंबकीय प्रभाव पर आधारित होता है वही हम लोग एक एक करके देखते हैं कि हमारे चल कुंडली धारामापी क्यों अधिक अच्छा होता है इस पर या धारामापी से देखिए

हम लोग स्पाइडर धारामापी को किसी भी स्थिति में रखकर प्रयोग कर सकते हैं ठीक है इसमें स्थिति का कोई प्रभाव नहीं पड़ता है स्थिति का कोई प्रभाव नहीं लेकिन इसमें स्थिति का प्रभाव होता है क्योंकि किसने चुंबकीय क्षेत्र है जो पृथ्वी के छाती चुंबकीय क्षेत्र है वह हमको मिलना चाहिए अभी हमको या पीछे पीछे से प्राप्त होगा इसको इंग्लिश भाषा धारामापी का हमको यहां पर विजय प्राप्त होगा ठीक है इसलिए यह श्रेष्ठ अगर हम लोग अगले बिंदु की बात करें तो इसमें जो हमारे चल कुंडली धारामापी होता है चुंबकीय क्षेत्र का प्रभाव कम पड़ता है कि जो पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र का मान है उसका प्रभाव इसमें काम पड़ता है तो हम कह सकते हैं कि बाय है और अगर हम लोग सुग्राहिता की दृष्टि से देखें तो यह जो हमारा चल कुंडली धारामापी होता है वह अधिक सुगरा ही होता है ठीक है या अधिक सुगरा ही सुगरा ही होता है कि किस

ब्राइटनेस की अधिक होती है क्यों अधिक होती है क्योंकि जो चल कुंडली धारामापी होता है उसकी सुग्राहिता फाई जो रहता है हमारे प्रवाहित होने वाले धारा के अनुक्रमानुपाती होता है जबकि अगर हम लोग इस पर ज्यादा माफी की बात करें तो इस पर ज्यादा रामापीर में उसके जो प्रवाहित होने वाली धारा होती है वह चुंबकीय क्षेत्र के अनुक्रमानुपाती होता है बी बराबर न्यू नोट एंड आई बटा 21 यानी कि हम ऑफिस को इस तरह से बोल सकते हैं क्या चुंबकीय क्षेत्र के अनुक्रमानुपाती होता है कि उसको कितना चुंबकीय क्षेत्र प्राप्त हुआ तो वह विक्षेपित हुआ इसलिए कि जो सुग्राहिता होते हैं ठीक है या अधिक सुगरा ही होता है सुग्राहिता अधिक होती है और अगर हम लोग इनको और बिंदुओं पर बोले तो इसमें जो दोलन जो है वह शीघ्र समाप्त हो जाता है यहां पर क्या होगा कि हम लोग जैसे ही धारा यहां पर प्रवाहित करेंगे 3 जून हमारा संगीता क्या भाई इधर से विक्षेपित होगा तो वहां पर बहुत जल्दी स्थिर हो जाएगा वहां पर वह इस तरह से कंपनियां दोलन नहीं करेगा जबकि इसमें चुंबकीय भाई चुंबकीय क्षेत्र की कुल के

साथ में से क्या दुल्हन अधिक रहता है तो हमको इसको पढ़ने के लिए थोड़ा समय लगता है और यह उतना सुगरा ही नहीं होता जितना चल कुंडली धारामापी होता इसीलिए इस की सुग्राहिता जो है वह कम हो जाती है इस पर ज्यादा रामापीर की ठीक है तुम जो दोलन होता है वह शीघ्र समाप्त हो जाता है संकेतक का जो दोलन होता है ठीक है दुल्हन शीघ्र और हम लोग चल कुंडली धारामापी को गैल्वेनोमीटर बोलते गैल्वेनोमीटर आता था मुझको मीटर की तरह प्रयोग कर सकते हैं और मीटर या फिर हम लोग उसको वोल्ट मीटर की तरह प्रयोग कर सकते हैं वोल्टमीटर जिस पर ज्यादा रामा चिट्टी का मकसद क्या सकते हैं मीटर की तरह ही प्रयोग कर सकते हैं उसको हम लोग वोल्टमीटर की तरह प्रयोग नहीं कर सकते हैं या भी एक इसका मुख्य बिंदु है दोस्तों आप लोग को समझ में आया होगा चल कुंडली धारामापी की ओर से श्रेष्ठ ऐश्वर्या धारामापी की तुलना में इन बिंदुओं के आधार पर धन्यवाद

भय और लालच सूचकांक

Fear and Greed Index

तथ्य और लालच सूचकांक अर्थ का उपयोग यह मापने के लिए किया जा सकता है कि वित्तीय विनिमय का उचित मूल्यांकन किया गया है या नहीं। यह इस तथ्य पर निर्भर करता है कि निवेशकों के मन में अनावश्यक भय सामान्य रूप से शेयरों की कीमतों में गिरावट का कारण बनेगा। इसके विपरीत, निवेशकों के बीच बढ़ा हुआ लालच संकेतक क्या हैं और उनके साथ कैसे काम करें? इसके ठीक विपरीत होगा, जिससे स्टॉक की कीमतों में वृद्धि होगी।

भय और लालच सूचकांक एक प्रतिकूल सूचकांक है। यह इस कारण पर निर्भर करता है कि अत्यधिक भय स्टॉक की कीमतों में महत्वपूर्ण गिरावट ला सकता है और उन्हें उनके वास्तविक मूल्य और लालच से बहुत नीचे ले जा सकता है। दूसरी ओर, स्टॉक की कीमतों में उनके मूल्य से कहीं अधिक वृद्धि हो सकती है। सीएनएन मनी सात अलग-अलग घटकों को देखता है ताकि यह पता लगाया जा सके कि निवेशकों में कितना डर और लालच मौजूद हैमंडी.

भय और लालच सूचकांक के लाभ

विशेषज्ञों के शब्दों में, लालच, प्यार की भावना के समान, हमारे दिमाग को इस तरह से प्रभावित करने की क्षमता रखता है जो हमें तर्कसंगत निर्णय को अलग करने के लिए दबाव डालता है और इसलिए, परिवर्तन की ओर ले जाता है। लालच की भावना के प्राकृतिक रसायन विज्ञान की कोई आम तौर पर स्वीकृत व्याख्या नहीं है। जब पैसे की बात हो तो भय और लालच मानव विचार प्रक्रिया के लिए शक्तिशाली प्रभावकारी हो सकते हैं।

कई वित्तीय विशेषज्ञ भावुक होते हैं और पारंपरिक दृष्टिकोण अपनाते हैं। इसलिए, उस क्षेत्र में भय और लालच महत्वपूर्ण कारक हैं। जैसा कि द्वारा शोध किया गया हैव्यवहार अर्थशास्त्र और कई वर्षों के प्रमाण द्वारा पुष्टि की गई, ये धारणाएं इस सीएनएन इंडेक्स के मामले को ध्यान में रखते हुए एक ठोस मामला बनाती हैं।

फियर एंड ग्रीड इंडेक्स वास्तव में क्या करता है?

डर और लालच सूचकांक लंबे समय से नियमित रूप से बाजारों के मूल्य में एक बदलाव का संकेतक क्या हैं और उनके साथ कैसे काम करें? एक ठोस मार्कर रहा है।

बहुत सारे बुद्धिजीवी इस बात से सहमत हैं कि डर और लालच सूचकांक उपयोगी साबित हो सकता है, यह देखते हुए कि यह विभिन्न निवेश निर्णयों पर समझौता करने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला केंद्रीय तंत्र नहीं है। सट्टेबाजों को लाभकारी मूल्यों के साथ संभावित अवसरों के लिए भय की निगरानी करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। उन्हें सलाह दी जाती है कि वे अपनी लालच की भावना पर नियंत्रण रखें, जो कि अधिक मूल्य वाले शेयर बाजार का एक मजबूत संकेत हो सकता है।

निष्कर्ष

डर और लालच सूचकांक शेयर बाजार के कम या अधिक मूल्यांकित होने की संभावना को मापने के लिए सिर्फ एक उपकरण है। यह इस तथ्य की एक अंतर्दृष्टि प्रदान करता है कि भय और लालच की भावनाएं निश्चित रूप से बाजार की कीमतों को प्रभावित कर सकती हैं। यह उस तरीके का एक सिंहावलोकन देने की कोशिश करता है जिसमें डर और लालच की भावनाओं के संदर्भ में बाजार को मापा जा सकता है।

Passive Fund का फंडा आखिर क्या है? एक्सपर्ट से समझें कैसे छोटे निवेश पर भी मिलता है बढ़िया रिटर्न

Money Guru: आखिर क्या होता है पैसिव फंड और कैसे कम लागत में भी इन्वेस्टर्स को इससे अधिक रिटर्न मिल सकता है. आइए जानते हैं इसके बारे में सब कुछ.

Money Guru: पिछले कुछ महीनों में निवेशकों की रुचि पैसिव निवेश की तरफ ज्यादा बढ़ी है. AMFI के हाल ही में आए आंकड़ों में भी इसके संकेत मिलते हैं. ऐसे में यह सवाल उठता है कि आखिर क्या होते हैं ये पैसिव फंड. इंडेक्स फंड, ETF फंड और फंड ऑफ फंड के आखिर क्या फायदे हैं और कौन इसमें निवेश कर सकता है. इसके साथ ही यह भी सवाल उठता है कि कैसे कम लागत में ये फंड अधिक मुनाफा दे सकते हैं. हमारे इन सवालों का जवाब देंगे Edelweiss MF के सेल्स हेड दीपक जैन और वाइजइन्वेस्ट प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ हेमंत रुस्तगी.

क्या होता है पैसिव फंड

पैसिव फंड वास्तव में म्यूचुअल फंड का ही एक प्रकार होता है, जो कि निफ्टी,सेंसेक्स आदि जैसे इंडेक्स की नकल करता है. सेसेंक्स 30, निफ्टी 50 में उनके वजन के अनुपात में निवेश होता है. पैसिव फंड में मैनेजर की सक्रिय भूमिका नहीं होती है. मैनेजमेंट फीस कम होने के चलते इसकी लागत भी कम होती है.

Parenting Tips : बच्चे को सफल इंसान बनाने में मदद करेंगे ये 5 तरीकें

बच्चे आपको देखकर बहुत तेजी से सीखते हैं। आप जो कुछ भी करते हैं वह उनका ध्यान आकर्षित करता है। वे आपके सिखाए संकेतों को दोहराना सीखते हैं और बोलने से पहले आपके चेहरे के हाव-भाव से आपका मन भांपने में विशेषज्ञ बन जाते हैं । बच्चे के प्रति आपके व्यवहार का प्रभाव इस बात पर पड़ता है कि वे बड़े होकर कैसे बनते हैं।

Parenting Tips : बच्चे को सफल इंसान बनाने में मदद करेंगे ये 5 तरीकें

HR Breaking News (डिजिटल डेस्क)। आप अपनी दिनचर्या में इन 5 महत्वपूर्ण व्यवहारों को शामिल करके भविष्य में अपने बच्चे के फलने-फूलने की संभावना को काफी बढ़ा सकते/सकती हैं. आपके बच्चे को भविष्य में सफलता के बेहतरीन अवसर देने के लिए पैसे या दिखावटी शैक्षिक संसाधनों से इसका कोई लेना-देना नहीं है. यह पूरी तरह से आप पर, आपकी अपने बच्चे के लिए उपलब्धता और भागीदारी के स्तर पर निर्भर है. बच्चे आपको देखकर बहुत तेजी से सीखते हैं.

आप जो कुछ भी करते हैं वह उनका ध्यान आकर्षित करता है. वे आपके सिखाए संकेतों को दोहराना सीखते हैं और बोलने से पहले आपके चेहरे के हाव-भाव से आपका मन भांपने में विशेषज्ञ बन जाते हैं. बच्चे आपकी शारीरिक भाषा, आप दूसरों के साथ कैसे बातचीत करते हैं, या आप किसी समस्या पर कैसे प्रतिक्रिया करते हैं, यह देखकर आपके व्यवहार का अनुकरण करते हैं. बच्चे के प्रति आपके व्यवहार का प्रभाव इस बात पर पड़ता है कि वे बड़े होकर कैसे बनते हैं.

बेबी टॉक को प्रोत्साहित करें, नए शब्द सिखाएं


अपने बच्चे के सामने गैजेट का बार-बार उपयोग न करने का प्रयास करें. शिशुओं का रोना और उनकी हरकतों का आपको भले बहुत ज्यादा मतलब नहीं समझ आता, लेकिन यह उनके संचार का एकमात्र साधन है. विशेषज्ञों के अनुसार, पेरेंट्स को बेबी टॉक को प्रोत्साहित करना चाहिए और उसे महत्व देना चाहिए. माता-पिता को अपने शिशुओं के साथ उनकी आवाज, संकेतों और गतिविधियों का जवाब देकर पूरे दिन बातचीत करनी चाहिए. 2 साल की उम्र में बच्चे की शब्दावली में शब्दों की मात्रा और बाद में उनके पढ़ने का स्तर इस बात पर निर्भर करेगा कि नवजात शिशु के रूप में उन्हें कितने अधिक शब्दों से आपने रू-ब-रू करवाया है. इसलिए माता-पिता को बेबी टॉक को प्रोत्साहित करना चाहिए और इसे गंभीरता से लेना चाहिए.


बच्चे के सामने बोलकर पढ़ें, तस्वीरों से सिखाएं


भले ही नवजात बोल या पढ़ नहीं सकते, लेकिन वे सीखने के लिए तैयार पैदा होते हैं. वे 3 महीने की उम्र में भी दुनिया की हर भाषा में इस्तेमाल होने वाली हर ध्वनि में अंतर करने में सक्षम होते हैं. आप अपने बच्चे के सामने बोलकर पढ़ते हैं, तो उसकी लैंग्वेज स्किल डेवलप होती है. किताब में बने चित्रों पर बच्चे का ध्यान आकर्षित करना सुनिश्चित करें. उससे चित्रों के प्लॉट और उनके कैरेक्टर्स के बारे में पूछें. अपने बच्चे को किताब के चित्र दिखाकर उनसे ‘उन्होंने क्या पहना है?’ और ‘कितने हैं?’ जैसे सवाल पूछें. शिशुओं को पढ़ाना, उनमें किताबों के प्रति प्रेम को बढ़ावा देता है और साथ ही उन्हें नई चीजों, वाक्यों से परिचित कराता है. याद रखें ‘लीडर्स आर रीडर्स’, तो आज से ही अपने बच्चे के साथ तस्वीर वाली किताब लेकर बैठना शुरू करें.


खेल बच्चे के लिए पाठशाला है, उसके साथ खेलें


छोटे बच्चे लगातार नई चीजें सीखते हैं. खेल के माध्यम से, वे महत्वपूर्ण जीवन कौशल विकसित करते हैं. नाटकों के माध्यम से, वे सीख सकते हैं कि किसी और की तरह होना क्या होता है और दूसरों की भावनाओं को समझ सकते हैं. जब वे दूसरों के साथ खेलते हैं तो वे समझौता करना और साझा करना सीखते हैं. अपनी कल्पनाओं के साथ स्वतंत्र रूप से खेलना, जैसे अंतरिक्ष में यात्रा करने वाली टॉय ट्रेन की कल्पना करना, बच्चों की रचनात्मकता और भाषा के विकास को प्रोत्साहित करता है. क्योंकि बच्चे अपने विचारों को मौखिक रूप से संप्रेषित करना सीखते हैं. छोटे बच्चे जब नई दुनिया की कल्पना करते हैं तो समस्याओं को हल करना और नई संभावनाओं की कल्पना करना सीख रहे होते हैं. आपको जो साधारण मनोरंजन प्रतीत होता है, वह वास्तव में अत्यावश्यक कार्य है. खेल गंभीर सीख है, इसलिए इसे ऐसे ही लें.


बच्चे को तरह-तरह की भावनाओं से परिचित कराएं


शिशु के जीवन का हर अनुभव सीखने का अवसर होता है. नहाना, कपड़े धोना, खाना बनाना, या काम चलाना, ये सभी सीखने के बेहतरीन अवसर हैं. आपके द्वारा उपयोग की जा रही भाषा-उत्तेजना तकनीकों का वर्णन करें. बच्चे को गणित पढ़ाने के लिए कपड़े गिनना और छांटना शुरू करें. साइंटिफिक टेम्पर विकसित करने के लिए उसे प्रोत्साहित करें, भोजन के स्वाद और बनाने के तरीके के साथ प्रयोग करें. फेशियल एक्सप्रेशन के जरिए बच्चे को भावनाओं से परिचित कराएं, जैसे रोने का हावभाव, दुख, खुशी, गुस्सा, हंसी इत्यादि. बच्चे के लिए इमोशनल इंटेलिजेंस का ज्ञान बहुत प्रभावी है.

Anti Aging: इस एक चीज से दूर हो सकता है बढ़ती उम्र का असर, 40 की उम्र में भी जवां दिखेंगी आप

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Hyaluronic Acid For Anti Aging: आज के दौर में हर इंसान अपनी असल उम्र से छोटा दिखना और महसूस करना चाहता संकेतक क्या हैं और उनके साथ कैसे काम करें? है. बढ़ती हुई उम्र का ख्याल आते ही टेंशन शुरू हो जाती है, खासकर चेहरे पर जब झुर्रियां या लकीरें दिखनी लग जाए तो समझ जाएं कि आप पर एजिंग का असर नजर आने लगा है. ऐसे में आप बढ़ती उम्र के पर कैसे लगाम लगा सकते हैं. हाल ही में हुए फोर्ब्स हेल्थ सर्वे में पाया गया कि लगभग 50 फीसदू अमेरिकी नागरिक एजिंग के प्रॉसेस से से खौफजदा हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि उम्र बढ़ने से उनके स्वास्थ्य पर असर पड़ेगा. भारत में भी अमेरिका के जैसे ही हालात है. कई लोग उम्र बढ़ने के को लेकर हमेशा फिक्रमंद रहते, ऐसे में कोशिश रहती है कि किसी तरह से एजिंग के प्रॉसेस को स्लो कर दिया जाए और बढ़ती उम्र की निशानियां मिट जाए

हर किसी को होती जवां दिखने की चाहत
बुढ़ापा या उम्र बढ़ने के संकेतों को रोकना एक बड़ा ही विवादित मुद्दा रहा है. ये बात सच है कि उम्र बढ़ना एक प्राकृतिक प्रक्रिया है तो क्या इस प्रॉसेस पर लगाम जा सकती है? जवाब आसान है, उम्र को बढ़ने की निशानियों को पूरी तरह से तो नहीं रोका जा सकता है लेकिन ये जरूर है कि कुछ लक्षणों और संकेतों को जरूर कम किया जा सकता है.

कैसे पाएं बढ़ती उम्र के असर से निजात?
आपने बमुश्किल ही संकेतक क्या हैं और उनके साथ कैसे काम करें? किसी 60 साल के आदमी को फिट, तंदुरुस्त और जवान देखा होगा अगर देखा भी होगा तो वह अच्छे खानपान, एक्सरसाइज और स्वस्थ लाइफस्टाइल की वजह से ऐसा होता है. हालांकि अगर आपको उम्र बढ़ने के लक्षण दिखाई देने लगे हैं,जैसे कि झुर्रियां, त्वचा का पतला होना, त्वचा का नाजुक होना, त्वचा की परतों के नीचे चर्बी वाले सेल्स का कम होना वगैरह, तो आप इन प्रभावों को कम करने संकेतक क्या हैं और उनके साथ कैसे काम करें? के लिए कुछ जरूरी कदम उठा सकते हैं. ऐसे ही एक उपाय में हाइलूरोनिक एसिड है. ये एक सप्लीमेंट्स है. जिसका इस्तेमाल करके झुर्रियों या उम्र बढ़ने के दूसरे संकेतों से निजात पाई जा सकती है.

हाइलूरोनिक एसिड से कम होगा एजिंग का असर

हेलियोस एडवांस्ड स्किन हेयर एंड लेजर क्लिनिक अलवरपेट और पल्लवरम चेन्नई की मैनेजिंग डायरेक्टर एम श्रद्धा (एमडी,डीएनबी, पीएचडी) ने बताया कि
हाइलूरोनिक एसिड एक फिसलनदार और चिपचिपा पदार्थ होता है जो शरीर में पाया जाता है. ये एक नेचुरल एसिड होता है जो शरीर के जोड़ों और अन्य ऊतकों के भीतर एक लुब्रिकेंट या कुशन के रूप में काम करता है. हाइलूरोनिक एसिड काफी हद तक एक मॉइस्चराइजर की तरह होता है जो त्वचा को सेहतमंद रखने में मदद करता है, लेकिन उम्र बढ़ने से इस एसिड की कमी हो जाती है, इसलिए इसके सप्लीमेंट की जरूरत पड़ती है.

हाइलूरोनिक एसिड का इस्तेमाल थेरेपी के मेथड्स पर निर्भर करता है. मौजूदा वक्त में सबसे एडवांस हाइलूरोनिक एसिड ट्रीटमेंट जो बाजारों में उपलब्ध है उसका नाम प्रोफाइलो है. ये एक बायो-रीमॉडेलिंग इंजेक्टेबल थेरेपी है जो त्वचा के ऊतकों को फिर से जवान करने के लिए स्थिर हाइलूरोनिक एसिड की सही मात्रा प्रदान करने में मदद करती है. हाइलूरोनिक एसिड की बनावट ऐसी होती है कि जहां-जहां त्वचा को इसकी जरूरत होती है वहां-वहां यह फैल जाता है. आंखों के नीचे, ठुड्डी, गर्दन, हाथ आदि पर इसे इस्तेमाल किया जा सकता है.त्वचा पर उम्र बढ़ने के संकेत जल्दी इसलिए दिखते हैं क्योंकि त्वचा में नमी की कमी हो जाती है.

त्वचा में पर्याप्त मात्रा में हाइड्रेशन न होने से त्वचा पतली हो जाती है. प्रोफाइलो ट्रीटमेंट को कई एक्सपर्ट्स द्वारा रिकमेंड किया जाता है क्योंकि ये त्वचा में भराव में आसानी प्रदान करता है और त्वचा को जवान बनाता है. शरीर के जिन क्षेत्रों में हाइलूरोनिक एसिड की सही सांद्रता की जरुरत होती है वहां पर प्रोफाइलो ट्रीटमेंट की मदद से पहुँचाकर यह त्वचा को रिलैक्सेशन की भावना देता है.

फेस डेफिनिशन न होने, फाइन लाइंस, और ढीली त्वचा उम्र से संबंधित होने वाली अन्य चिंताएं हैं जो बहुत से लोगों को होती हैं. ज्यादातर ये उम्र से सम्बंधित संकेत चेहरे, हाथ, गर्दन और पेट पर दिखते हैं. कोलेजन की कमी और एपिडर्मिस के पतले होने से यह समस्यायें होती है. हाइलूरोनिक एसिड की मदद से आप कोलेजन की मात्रा को बढ़ाकर और नमी का उत्पादन करके अपने शरीर के उन फ्लैशप्वाइंट को मजबूत कर सकते हैं जो आपकी त्वचा की एपिडर्मिस को कोमल और भरे रहने के लिए चाहिए.

हयालूरोनिक एसिड बहुत तेजी से डर्मेटोलॉजी में एक नायाब समाधान बन गया है. इसके संकेतक क्या हैं और उनके साथ कैसे काम करें? कई सारे फायदे हैं. अगर आप बुढ़ापे के लक्षणों से निजात पाना चाहते हैं तो ये आपके लिए जादू का काम कर सकता है. अगर आप हाइड्रेटेड लुक और त्वचा में मोटापन की तलाश में हैं, या आप चाहते हैं कि आपकी त्वचा लंबे समय तक जवान बनी रही तो हाइलूरोनिक एसिड ऐसी चीज है तो आपकी चिंता और तलाश को खत्म कर सकती है.

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी घरेलू नुस्खों और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. इसे अपनाने से पहले चिकित्सीय सलाह जरूर लें. ZEE NEWS इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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